Education

शिक्षकों की समस्याओं के समाधान व सिरसली के तालाब की खुदाई की मांग हेतु धरना

बागपत,  20 जून 2024 (यूटीएन)। दो सूत्रीय मांगों को लेकर शिक्षक नेता जितेंद्र तोमर ने कलेक्टर परिसर में सांकेतिक धरना दिया तथा समाधान न होने की स्थिति में 25 जून नियमित धरने की घोषणा की। शिक्षक नेता ने बताया कि, वर्ष 2023-2024 व 2024-2025 में माध्यमिक स्कूलों से सेवानिवृत्त हुए प्रधानाचार्यो, प्रवक्ताओं, शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को उनके जीपीएफ का भुगतान कराया जाए।    तथा ग्राम पंचायत सिरसली के हौद तालाब की खुदाई व सफाई हेतु स्वीकृत 43 लाख 39 हजार रुपए की ग्रांट दिलाने की मांग प्रमुख रूप से की गई है। बताया कि, 12 जून को स्पीड पोस्ट से डीआईओएस व डीएम बागपत को जीपीएफ भुगतान की मांग को लेकर आवेदन किया था तथा 24 मई को सीएम पोर्टल पर भी दर्ज की थी शिकायत, लेकिन नहींं हुआ जीपीएफ की समस्या हल तथा न गाँव के तालाब के लिए मिली ग्रांट। अब वह 25 जून से 11 बजे से 3 बजे तक धरना आंदोलन जारी रखेंगे। स्टेट ब्यूरो,( डॉ योगेश कौशिक ) |    

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Jun 20, 2024

मेरी आवाज सुनो जन कल्याण समिति ने किया मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित

बागपत, 10 जून 2024 (यूटीएन)। जनपद बागपत के बागपत शहर में स्थित वात्सायन पैलेस में राष्ट्रीय जागरूक ब्राह्मण महासंघ एवं मेरी आवाज सुनो जन कल्याण समिति के तत्वावधान में मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। सम्मान समारोह में विधान परिषद सदस्य धर्मेंद्र भारद्वाज ने मुख्य अतिथि व दिल्ली यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्राफेसर व प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ रामकरण शर्मा ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की।   सम्मान समारोह में कक्षा 10 और कक्षा 12 में 75 प्रतिशत से ऊपर अंक लाने वाले 301 मेधावी छात्र-छात्राओं एवं उनके परिजनों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर धर्मेन्द्र भारद्वाज ने कहा कि विद्यार्थियों ने परीक्षा में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अपने माता-पिता, गुरूओं और जनपद को गौरवान्वित किया है। डाक्टर रामकरण शर्मा ने कहा कि शिक्षा को न ही कोई चोर चुरा सकता है, न ही कोई छीन सकता है, न ही इसको संभालना मुश्किल है और न ही इसका इसका बंटवारा होता है। शिक्षा खर्च करने से और भी अधिक बढ़ती है और यह सभी धनो से श्रेष्ठ है।    इस अवसर पर राष्ट्रीय जागरूक ब्राह्मण महासंघ एवं मेरी आवाज सुनो जन कल्याण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित रामदत्त शर्मा ने बताया कि हमारी संस्था पिछले 10 वर्षों से भारतवर्ष के हर जिले में इस तरह के सम्मान समारोह आयोजित करके परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित करती है। कहा कि संस्था आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की शादी, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को बीए, बीएससी, बीकॉम, बीबीए की पढ़ाई निशुल्क कराना, पेड़ पौधे लगाना, लोगों के स्वास्थ्य के लिए मेडिकल कैंप लगाकर उनकी निशुल्क जांच कराने सहित विभिन्न अनेकों सामाजिक और परोपकारी कार्यो को करती है।   कार्यक्रम का संचालन मेरी आवाज सुनो जनकल्याण समिति की प्रदेश अध्यक्ष प्रोफेसर भक्ति सिंह ने किया। इस अवसर पर मेरी आवाज सुनो जन कल्याण समिति की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजिका अंजु खोखर हलालपुर, नेशनल अवार्डी एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सम्मानित वरिष्ठ पत्रकार विपुल जैन, विमला अश्वनी शर्मा बासौली, कर्णिका, सुषमा रानी बड़ौत, अमित जैन, आदेश शर्मा, सुनील शर्मा, रेनू शर्मा, आरती शर्मा, कुसुम चौहान, आरती मान, साधना तिवारी, मिनाक्षी शर्मा, सोनिया त्रिखा, मधु धामा, गीता शर्मा, सत्येंद्र शर्मा, चंद्रदत्त शर्मा, मनीष शर्मा, अमरवीर खोखर सहित हजारों की संख्या में विद्यार्थीगण आदि उपस्थित थे।   बागपत-रिपोर्टर, (विवेक जैन)।

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Jun 10, 2024

नीट परीक्षा में अव्वल रहे ट्यौढी के अर्जुन शर्मा का गांव आगमन पर हुआ स्वागत, युवाओं के बने प्रेरणास्रोत

बागपत, 10 जून 2024 (यूटीएन)। ट्यौढी निवासी अर्जुन शर्मा ने नीट प्रवेश परीक्षा में 432 वीं रैंक हासिल कर गांव व समाज का नाम रोशन किया। रविवार को गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने फूल-मालाओं व ढोल नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत किया। गणमान्यों ने अर्जुन को फूलमाला पहनाकर मिठाई खिलाई।    अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक और दिल्ली यूनिवर्सिटी साउथ कैंपस में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ रामकरण शर्मा की पहल पर आयोजित हुए भव्य स्वागत समारोह में क्षेत्र के गणमान्य लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए और कहा कि, परीक्षा में अर्जुन की सफलता से बड़ी संख्या में जिले के ग्रामीण अंचल के युवाओं को प्रेरणा मिली है।    वहीं ट्यौढी गांव के महान शिक्षाविद स्व मा गोविंद राम शर्मा के पौत्र और डॉ देवेंद्र प्रधान के भतीजे अर्जुन शर्मा ने नीट में अपनी सफलता का श्रेय अपनी माता रश्मि, पिता शैलेंद्र शर्मा और अपने परिवारजनों को दिया है। अर्जुन ने बताया कि, उन्होंने 10 वीं तक की पढ़ाई क्रिस्तु ज्योति पब्लिक स्कूल से की और 12 वीं की पढ़ाई सेंट एंजेल्स स्कूल से की है। अर्जुन ने नियमित रूप से 15 घंटे पढ़ाई की और दूसरे प्रयास में नीट में उल्लेखनीय रैंक प्राप्त की।   बताया कि, नीट की तैयारियों के दृष्टिगत सोशल मीडिया प्लेटफार्म से दूरी बनाए रखी और एक वर्ष तक दिल्ली में कोचिंग ली। स्वागत समारोह में शामिल हुए गणमान्यों ने कहा कि, जिले के युवाओं को अर्जुन जैसे युवाओं की सफलता से प्रेरणा लेनी चाहिए। कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक डॉ रामकरण शर्मा, रविदत्त शर्मा, मा राकेश शर्मा, राजेश शर्मा, भाजपा नेता डॉ राजेश चौहान, हरिओम, सत्यपाल सिंह, रामनाथ, मा दीपक, विनोद शर्मा, अंकित शर्मा, धनेश प्रधान, अंकित शर्मा, छोटेलाल, सतबीर शर्मा, उड़ान यूथ क्लब अध्यक्ष अमन कुमार आदि मौजूद रहे।   स्टेट ब्यूरो,( डॉ योगेश कौशिक ) |

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Jun 10, 2024

संस्कार शिविर का हुआ समापन, धार्मिक शिक्षा में अव्वल रहने पर बच्चे पुरस्कृत

बडौत, 10 जून 2024 (यूटीएन)। नगर के कैनाल रोड स्थित शांतिनाथ दिगंबर जैन मन्दिर में श्रमण संस्कृति संस्थान, सांगानेर जयपुर से पधारे पं सम्यक जैन एवं पं राही जैन के तत्वाधान में चल रहे संस्कार शिक्षण शिविर का समापन समारोह पूर्वक हुआ।   सौरभ सागर भवन में आयोजित समारोह में जैन समाज के छोटे छोटे बच्चों और महिलाओं को शांतिनाथ दिगंबर जैन मन्दिर कमेटी ने मौखिक पेपर, छ: ढाला, ईस्टोपदेश में प्रथम, द्वितीय, तृतीय पुरस्कार और अन्य सभी महिलाओं व बच्चों को सांत्वना पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।         इस अवसर पर शांतिनाथ दिगंबर जैन मन्दिर कमेटी के अध्यक्ष अनिल जैन, मंत्री विवेक जैन, दीपक जैन, सुरेन्द्र कुमार जैन, महेंद कुमार जैन, पवन कुमार जैन, सुदेेश कुमार जैन, अनिल जैन, राजकुमार जैन, प्रवीण जैन सचिन जैन आदि उपस्थित रहे।   स्टेट ब्यूरो,( डॉ योगेश कौशिक ) |

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Jun 10, 2024

दिल्ली सरकार के कॉलेजों में शिक्षकों की स्थायी नियुक्ति न होने से एडहॉक टीचर्स में रोष

नई दिल्ली, 08 जून 2024 (यूटीएन)। दिल्ली सरकार से पूर्ण वित्त पोषित 12 कॉलेजों में अभी तक चार कॉलेज दीनदयाल उपाध्याय कॉलेज, आचार्य नरेंद्रदेव कॉलेज, भाष्कराचार्य कॉलेज ऑफ एप्लाइड साइंस व अदिति महाविद्यालय ने अपने यहाँ सहायक प्रोफेसर के पदों के विज्ञापन निकाले है बाकी 8 कॉलेजों ने अभी तक शिक्षकों के पदों को भरने संबंधी विज्ञापन न निकाले जाने के कारण वहाँ पढ़ा रहे एडहॉक टीचर्स में गहरा रोष व्याप्त है । उनका कहना है कि वे पिछले एक दशक से पढ़ा रहे हैं और दिल्ली विश्वविद्यालय के अधिकांश कॉलेजों में 80 फीसदी शिक्षकों के पद भरे जा चुके है लेकिन दिल्ली सरकार ने अभी तक अपने यहाँ स्थायी सहायक प्रोफेसर के पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू नहीं की।    इन कॉलेजों में लगभग 600 शिक्षकों की स्थायी नियुक्ति की जानी है । फोरम ऑफ एकेडेमिक्स फॉर सोशल जस्टिस ने दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह को पत्र लिखकर मांग की है कि दिल्ली सरकार से पूर्ण वित्त पोषित 12 कॉलेजों में भी सहायक प्रोफेसर के पदों पर जल्द से जल्द स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कराए ताकि विश्वविद्यालय से एडहॉकइज्म ( तदर्थवाद ) समाप्त हो और इन कॉलेजों के शिक्षकों में भी स्थायित्व हो ।  फोरम के चेयरमैन डॉ. हंसराज सुमन ने बताया है कि दिल्ली सरकार से पूर्ण वित्त पोषित 12 कॉलेज है । इन कॉलेजों में पिछले एक दशक से स्थायी सहायक प्रोफेसर के पदों पर नियुक्ति नहीं हुई थीं ।   इन कॉलेजों में लगभग 600 पदों पर सहायक प्रोफेसरों की स्थायी नियुक्ति की जानी है । बता दें कि दिल्ली विश्वविद्यालय में पिछले दो साल से डीयू से संबद्ध कॉलेजों में स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है जिसमें लगभग 50 से अधिक कॉलेजों ने अपने यहाँ स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी कर ली है । बाकी कॉलेजों में नियुक्ति प्रक्रिया जारी थी लेकिन लोकसभा चुनाव के कारण 12 मार्च से चार जून तक के लिए नियुक्तियों को रोक दिया गया था । अगले सप्ताह से पुनः स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो जाएगी । अभी तक इन कॉलेजों व विभागों में  लगभग 4600 पदों पर स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति हो चुकी है ।    डॉ. सुमन ने कुलपति को बताया है कि दिल्ली सरकार के पूर्ण वित्त पोषित 12 कॉलेज है । चार कॉलेज पहले ही विज्ञापन निकाल चुके है । 8 कॉलेज जिन्होंने अभी तक सहायक प्रोफेसर के विज्ञापन नहीं निकाले है उनमें भीमराव अंबेडकर कॉलेज , महाराजा अग्रसेन कॉलेज , महर्षि वाल्मीकि कॉलेज ऑफ एजुकेशन , केशव महाविद्यालय , भगिनी निवेदिता कॉलेज, इंदिरा गांधी  फिजिकल एजुकेशन एंड साइंस कॉलेज , शहीद सुखदेव कॉलेज ऑफ बिजनेस स्ट्डीज , शहीद राजगुरू कॉलेज ऑफ एप्लाइड साइंस आदि कॉलेज है। डॉ.सुमन ने कुलपति को यह भी  बताया है कि पिछले सप्ताह उन्होंने दिल्ली सरकार के कुछ कॉलेजों का दौरा किया ।   वहाँ के शिक्षकों में सहायक प्रोफेसर के पदों पर स्थायी नियुक्ति न होने के कारण गहरा रोष व्याप्त है । उनका कहना है कि पिछले दो साल में कुछ कॉलेजों में एक बार शिक्षकों की स्थायी नियुक्ति होने पर प्रिंसिपलों ने दूसरी बार फिर से ओबीसी सेकेंड ट्रांच ( ओबीसी दूसरा विस्तार ) के पदों को निकालकर भरना शुरू कर दिया है लेकिन दिल्ली सरकार ने अपने यहाँ नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करना तो दूर विज्ञापन भी नहीं निकाले । यहाँ के शिक्षक अपने भविष्य को लेकर चिंतित है , इनमें बहुत से शिक्षक तो 40 और 50 साल की उम्र पार कर चुके है ,यदि वे यहाँ स्थायी नहीं हुए तो कहां जाएंगे , उन्हें यह चिंता सता रही है ?   डॉ.सुमन का यह भी कहना है कि दिल्ली सरकार के 28 कॉलेजों में से पूर्ण वित्त पोषित 12 कॉलेजों में से चार कॉलेज भाष्कराचार्य कॉलेज , दीनदयाल उपाध्याय कॉलेज व आचार्य नरेंद्रदेव कॉलेज व अदिति महाविद्यालय ने अपने यहाँ स्थायी सहायक प्रोफेसरों के पदों का विज्ञापन निकाल दिए है । इन कॉलेजों के विज्ञापन आने के बाद अन्य कॉलेजों ने अपना रोस्टर तैयार किया हुआ है । यदि यहाँ के कॉलेज की गवर्निंग बॉडी चाहे तो विज्ञापन जल्द आ सकते हैं । डॉ. सुमन ने बताया है कि दिल्ली सरकार के 12 कॉलेजों में से बहुत से एडहॉक टीचर्स स्थायी होकर दूसरे कॉलेजों में जा चुके है । कॉलेजों ने एडहॉक टीचर्स के स्थान पर गेस्ट टीचर्स लगा लिए है ।   ये कॉलेज एडहॉक व गेस्ट टीचर्स के सहारे पर चल रहे हैं ।  उन्होंने कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह से मांग की है कि दिल्ली सरकार के जिन चार कॉलेजों ने इन पदों को भरने के विज्ञापन निकाल दिए है उन कॉलेजों में जल्द से जल्द स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कराए तथा जिन आठ कॉलेजों ने विज्ञापन नहीं निकाले है ऐसे कॉलेजों को नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने के लिए विज्ञापन निकालने के लिए प्रिंसिपलों को सर्कुलर जारी करे । ताकि कॉलेजों से पूरी तरह एडहॉकइज्म समाप्त किया जा सकें ।   विशेष संवाददाता, (प्रदीप जैन) |

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Jun 8, 2024

सेंट एंजेल्स के मेधावी छात्र माज राजपूत ने 715 अंक व अर्जुन शर्मा ने 710 अंक प्राप्त कर बनाया कीर्तिमान

बागपत, 08 जून 2024 (यूटीएन)। सेंट एंजेल्स पब्लिक स्कूल के प्रतिभाशाली 9 छात्र-छात्राओं ने देश की प्रतिष्ठित मेडिकल एंट्रेंस परीक्षा नीट क्वालिफ़ाई कर जनपद के लिए बनाया नया कीर्तिमान। समारोह पूर्वक मेधावियों को किया गया सम्मानित। सैंट एंजिल्स के छात्र माज राजपूत, अर्जुन शर्मा, कीर्ति, अर्पित देव शर्मा, आर्यन मनी, हिमाद्री, मानवी त्यागी, सागर व सोनिया ने देश की प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट' को उत्तीर्ण  कर, अपने स्कूल व जनपद का नाम रोशन किया।   इस अवसर पर स्कूल कैंपस में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि प्रमुख समाजसेवी अभिमन्यु गुप्ता सचिव रेड क्रॉस सोसाइटी व राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन, विशिष्ट अतिथि जयकुमार जिला संयोजक श्रम प्रकोष्ठ भाजपा, श्रीप्रकाश मलिक जिला कार्यकारणी सदस्य भाजपा, स्कूल प्रबंधक अजय गोयल व प्रधानाचार्य दीपक वर्मा ने नीट प्रवेश परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को ट्रॉफी व प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया एवं उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।   कार्यक्रम का शुभारंभ प्रमुख समाजसेवी अभिमन्यु गुप्ता, जयकुमार, प्रकाश मलिक, स्कूल प्रबंधक अजय गोयल व प्रधानाचार्य दीपक वर्मा ने मां सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्वलित करके किया। इसके उपरांत मुख्य अतिथिगण व विशिष्ट अतिथियों ने स्कूल के मेधावियों को ट्रॉफी व प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया। बताया गया कि, मेधावी छात्र माज राजपूत ने 715 अंक व ऑल इंडिया रैंक 132, अर्जुन शर्मा ने 710 अंक व ऑल इंडिया रैंक 432 प्राप्त किए,जो जनपद में नया कीर्तिमान है।    इसके अलावा कीर्ति ने 91.79 परसेंटाइल, अर्पित देव शर्मा ने 90.74 परसेंटाइल, आर्यन मनी ने 88.35 परसेंटाइल, हिमाद्री ने 87.64 परसेंटाइल ,मानवी त्यागी ने 82.0 परसेंटाइल, सागर ने 79.20 परसेंटाइल व सोनिया ने 62.68 परसेंटाइल प्राप्त कर नीट क्वालीफाई किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि अभिमन्यु गुप्ता ने मेधावी छात्र व छात्राओं को अपने संबोधन में कहा कि आपने उत्कृष्ट प्रदर्शन करके अपने स्कूल,  जनपद, अपने शिक्षकों एवं अपने माता-पिता का मान बढ़ाया है।   आप इस देश के भावी डॉक्टर बनें एवं दीन दुखियों की सहायता करके अपने परिवार समाज एवं राष्ट्र की उन्नति का आधार बनें।स्कूल प्रबंधक अजय गोयल ने कहा कि, बागपत जनपद में ऐसा पहली बार हुआ कि, 'नीट' परीक्षा में बागपत जनपद के इश छात्रों ने 715 अंक व 710 अंक प्राप्त किए हैं। इस ऐतिहासिक सफलता के लिए हर कोई गौरवान्वित है। इस अवसर पर डॉ० मयंक गोयल, अमन गोयल, सहित शिवम, अमन, कुलदीप, अमित, दिवाकर, मनीष, सनोज, अरुण,राजीव हनुराज, संजय, ज्योति, शिखा, ममता, निधि, शालु आदि शिक्षक व शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।   स्टेट ब्यूरो,( डॉ योगेश कौशिक ) |

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Jun 8, 2024

शैक्षणिक वर्ष 24-25 के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय ने जारी की यूजी एडमिशन पॉलिसी

नई दिल्ली, 01 जून 2024  (यूटीएन)। दिल्ली विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 24--25 के लिए अपनी स्नातक (यूजी) एडमिशन पॉलिसी लॉन्च कर दी है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यूजी एडमिशन पोर्टल “कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (सीएसएएस)” की लॉन्चिंग के साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय में स्नातक दाखिलों के पहले फेस की शुरुआत हो गई है। इसके साथ ही स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) और एनसीवेब के लिए भी दाखिला पॉलिसी जारी की गई। इस अवसर पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए डीयू रजिस्ट्रार डॉ.विकास गुप्ता ने बताया कि नए शैक्षणिक सत्र से सुपरन्यूमैरेरी कोटा के तहत सिंगल गर्ल चाइल्ड के लिए भी अब सभी कॉलेजों एवं विभागों की प्रत्येक कक्षा में एक--एक सीट आरक्षित रखी जाएगी ।  गौरतलब है कि पिछले वर्ष डीयू ने देश में पहली बार अनाथ विद्यार्थियों के लिए भी आरक्षण की व्यवस्था की थी। प्रैस कॉन्फ्रेंस के पश्चात डीन ऑफ कॉलेजिज प्रो. बलराम पाणी ने लैपटॉप पर बटन दबा कर सीएसएएस पोर्टल की विधिवत लांचिंग की। इस अवसर पर बुलेटिन ऑफ इन्फॉर्मेशन भी जारी किया गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डीयू दक्षिणी परिसर के निदेशक प्रो. प्रकाश सिंह, एसओएल की निदेशक प्रो. पायल मागो और डीन एडमिशन प्रो. हनीत गांधी भी उपस्थित रहे।  रजिस्ट्रार डॉ विकास गुप्ता ने बताया कि सीयूईटी स्कोर के आधार पर स्नातक कक्षाओं में लगभग 71 हजार सीटों पर कुल 79 प्रोग्रामों में दाखिले किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि 69 कॉलेजों/ विभागों के बीए प्रोग्रामों में कुल 183 कंबिनेशन उपलब्ध हैं। रजिस्ट्रार ने यह बताया कि सीयूईटी रिजल्ट घोषित होने के बाद सीएसएएस के दूसरे फेज की शुरुआत की जाएगी। उन्होंने बताया कि एसओएल के लिए 3 जून से दाखिला प्रक्रिया शुरू होगी जबकि “नॉन कॉलेजिएट वूमेंस एजुकेशन बोर्ड (एनसीवेब)” के लिए दाखिला प्रक्रिया आज से ही शुरू हो रही है।   डॉ गुप्ता ने रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को लेकर अब तक की जानकारी साझा करते हुए बताया कि पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) प्रोग्रामों, बीटेक और पांच वर्षीय लॉ इंटीग्रेटेड प्रोग्रामों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 25 अप्रैल से शुरू की गई थी। इन प्रोग्रामों की पहली आवंटन सूची 20 जून तक जारी हो सकती है। उन्होंने बताया कि 27 मई तक हुए पंजीकरणों के अनुसार पीजी में 80,346, बीटेक में 9052 और पांच वर्षीय लॉ इंटीग्रेटेड प्रोग्रामों में 7362 पंजीकरण हो चुके हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डीन एडमिशन प्रो. हनीत गांधी ने यूजी एडमिशन और सीएसएएस के बारे में तथा एसओएल की निदेशक प्रो. पायल मागो ने एसओएल के दाखिलों के बारे में पीपीटी के माध्यम से विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।    *दो चरणों में होगा सीएसएएस (यूजी) पंजीकरण* डीन एडमिशन प्रो. हनीत गांधी ने जानकारी देते हुए बताया कि सीएसएएस (यूजी) पंजीकरण दो चरणों में बांटा गया है। पहला चरण, 28 मई से शुरू हो गया है। यह एक सरल पंजीकरण प्रक्रिया है जिसमें प्रवेश पाने के इच्छुक उम्मीदवारों को अपने व्यक्तिगत विवरण और बारहवीं कक्षा में प्राप्त शैक्षणिक अंक भरने होंगे। सीयूईटी(यूजी)--2024 सीएसएएस(यूजी)-- 2024 में आवेदन करने के लिए आवेदन संख्या अनिवार्य होगी। उम्मीदवार का नाम, हस्ताक्षर और फोटो सीयूईटी (यूजी) - 2024 पोर्टल से स्वतः एकीकृत हो जाएगा। ये फ़ील्ड गैर-संपादन योग्य होंगे। उम्मीदवार की एक सक्रिय ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर दर्ज करने का प्रावधान होगा। दिल्ली विश्वविद्यालय से सभी संचार केवल सीएसएएस-2024 आवेदन पत्र में प्रस्तुत ईमेल आईडी पर किए जाएंगे। उसके पश्चात उम्मीदवार को अपना व्यक्तिगत विवरण जैसे कि माता-पिता का नाम, श्रेणी / उपश्रेणी / जाति / अधिसंख्य कोटा, लिंग आदि भरना होगा। एक बार भरा गया ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर और बैंक खाता विवरण नहीं बदला जाएगा। इसलिए उम्मीदवारों को ये विवरण भरते समय अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए।   शैक्षणिक अनुभाग में, उम्मीदवारों को अपनी बारहवीं कक्षा में प्राप्त अंकों का विवरण भरना होगा। जिन छात्रों ने सीबीएसई से बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण की है, उनके लिए मार्कशीट उनके डिजीलॉकर के माध्यम से ऑटो-एकीकृत हो जाएगी। इसके बाद, उम्मीदवार अतिरिक्त श्रेणी, यदि कोई हो, का चयन करेंगे और अंत में पंजीकरण शुल्क का भुगतान करने के लिए आगे बढ़ेंगे। यूआर, ओबीसी-एनसीएल और ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों के लिए पंजीकरण शुल्क 250/- रुपये है, जबकि यह रु. एससी/एसटी/ और पीडब्ल्यूबीडी उम्मीदवारों के लिए 100 रुपए है। इस प्रक्रिया से सीएसएएस (यूजी) 2024 का पहला चरण पूरा होगा। सीएसएएस (यूजी) प्रक्रिया का दूसरा चरण सीयूईटी (यूजी) परिणामों की घोषणा के साथ शुरू होगा। दूसरे चरण में भाग लेने के लिए, उम्मीदवारों को अपने सीएसएएस डैशबोर्ड पर लॉग इन करना होगा और वरीयता भरने का कार्य पूरा करना होगा। दूसरे चरण में, उम्मीदवारों को बारहवीं कक्षा में उनके द्वारा पढ़े गए विषयों को उन विषयों से जोड़ना होगा जिनमें वे सीयूईटी (यूजी) में उपस्थित हुए हैं।   दिल्ली विश्वविद्यालय केवल उन्हीं सीयूईटी भाषा/डोमेन पेपरों पर विचार करेगा जो उम्मीदवार द्वारा बारहवीं कक्षा में पढ़े गए विषय के समान/समान हों। उम्मीदवार द्वारा प्रदान की गई विषय मैपिंग और कार्यक्रम-विशिष्ट पात्रता आवश्यकताओं के आधार पर, उम्मीदवार प्रत्येक कार्यक्रम के लिए अपने संचयी अंक देख पाएंगे जो वे प्रवेश के लिए पात्र हैं। विश्वविद्यालय उम्मीदवारों के योग्यता अंकों की गणना के लिए एनटीए द्वारा प्रदान किए गए अंकों पर विचार करेगा। सीएसएएस प्रवेश नीतियों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए उम्मीदवार को सलाह दी जाती है कि वह अधिकतम संख्या में कार्यक्रम/ कॉलेजों का चयन करें। विश्वविद्यालय उम्मीदवारों को प्राथमिकताएँ भरने के लिए पर्याप्त समय प्रदान करेगा। हालांकि, अंतिम समय की जल्दबाजी से बचने के लिए उम्मीदवारों को उन कार्यक्रमों और कॉलेजों को शॉर्टलिस्ट करना शुरू कर देना चाहिए जिनमें वे रुचि रखते हैं।   सबमिट करने से पहले, उम्मीदवार को यह सुनिश्चित करना होगा कि प्राथमिकताओं का क्रम उसकी पसंद के अनुसार है। वरीयता-भरने के चरण की समय सीमा के बाद कार्यक्रम + कॉलेज संयोजन वरीयता सूची को संपादित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी, यानी, उम्मीदवार अपनी प्राथमिकताओं के क्रम को नहीं बदल सकता है या कोई और कार्यक्रम/कार्यक्रम और/या कॉलेज/जोड़/हटा नहीं सकता है। सीएसएएस नीति के अनुसार, विश्वविद्यालय उस समय उपलब्ध डेटा के आधार पर वरीयता-भरने के चरण के समापन पर एक सिम्युलेटेड रैंक की भी घोषणा करेगा। उम्मीदवार सिम्युलेटेड रैंक के आधार पर अपनी प्राथमिकताओं को फिर से जोड़/हटा/पुनः व्यवस्थित कर सकते हैं।    उन्होंने यह भी बताया है कि एक बार किसी विशेष दौर में सीट आवंटित हो जाने के बाद, उम्मीदवार को दिए गए आवंटन दौर के लिए निर्दिष्ट अंतिम तिथि/समय से पहले आवंटित सीट को 'स्वीकार' करना होगा। किसी विशेष आवंटित सीट की स्वीकृति का प्रावधान केवल उस दौर के लिए मान्य होगा जिसमें सीट उम्मीदवार को आवंटित की गई थी। निष्क्रियता/कोई कार्रवाई न करने को आवंटित सीट की गैर-स्वीकृति के रूप में माना जाएगा। यदि किसी उम्मीदवार को किसी विशेष दौर में कई सीटों की पेशकश की जाती है, तो उसे "स्वीकार" करना होगा और केवल एक आवंटित सीट पर प्रवेश लेना होगा। एक बार जब उम्मीदवार अंतिम रूप से आवंटित सीट को "स्वीकार" कर लेता है, तो संबंधित कॉलेज उम्मीदवार द्वारा अपलोड किए गए दस्तावेजों की पात्रता और वैधता की जांच करेगा। कॉलेज दस्तावेजों का सत्यापन करेगा और अपनी मंजूरी देगा।   अनुमोदन प्राप्त होने पर, उम्मीदवारों को निर्धारित समय के भीतर प्रवेश शुल्क का भुगतान करना होगा। विश्वविद्यालय ने यह भी जानकारी दी है कि प्रत्येक आवंटन दौर के समापन के बाद, दिल्ली विश्वविद्यालय सभी कॉलेजों में प्रत्येक कार्यक्रम में रिक्त सीटों का विवरण प्रकाशित करेगा। सभी प्रवेशित उम्मीदवारों के पास इस स्तर पर "अपग्रेड" या "फ्रिज" चुनने का विकल्प होगा। जिन अभ्यर्थियों ने अपना प्रवेश सुरक्षित कर लिया है, वे उन प्राथमिकताओं को पुनः क्रमित करने में सक्षम होंगे जो उस प्राथमिकता से अधिक हैं जिसमें उन्होंने प्रवेश लिया है। जो उम्मीदवार 'अपग्रेड' का विकल्प चुनते हैं, उन्हें उनके द्वारा प्रस्तुत उच्च प्राथमिकता पर अपग्रेड करने पर विचार किया जाएगा। अपग्रेड होने वाले उम्मीदवार को अपग्रेड की गई सीट को 'स्वीकार' करना होगा और अपग्रेड की गई आवंटित सीट पर प्रवेश प्रक्रिया पूरी करनी होगी। एक उम्मीदवार जिसने आवंटित सीट पर प्रवेश ले लिया है और इसे जारी रखना चाहता है, उसे अपने डैशबोर्ड के माध्यम से 'फ्रीज' अनुरोध प्रस्तुत करना चाहिए। 'फ्रिज' का चयन करने पर, ऐसे उम्मीदवार को कभी भी "अपग्रेडेशन" का विकल्प चुनने की अनुमति नहीं दी जाएगी।     *मिड एंट्री प्रावधान* विश्वविद्यालय ने उन उम्मीदवारों को समायोजित करने का भी प्रावधान किया है जो निर्धारित पंजीकरण अवधि के भीतर खुद को पंजीकृत करने में विफल रहते हैं। मिड एंट्री प्रावधान के तहत विश्वविद्यालय उन उम्मीदवारों को अवसर देने के लिए एक मिड एंट्री चरण खोलेगा जो सीएसएएस (यूजी)-2024 के लिए आवेदन करने में असफल रहे और सीएसएएस (यूजी)--2024 में भाग लेने के इच्छुक हैं। ऐसा उम्मीदवार 1000 रुपये (गैर-वापसी योग्य) के शुल्क का भुगतान करके मिड एंट्री में प्रवेश कर सकता है। हालाँकि, मिड एंट्री वालों को प्रारंभिक आवेदन चरण के दौरान सीएसएएस (यूजी) -2024 के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को आवंटित सीटों पर दावा करने का कोई अधिकार नहीं होगा।   नियमित सीएसएएस (यूजी)-2024 राउंड पूरे करने के बाद, यदि सीटें खाली रहती हैं तो विश्वविद्यालय प्रवेश के स्पॉट राउंड की घोषणा कर सकता है। इष्टतम सीट आवंटन प्राप्त करने के लिए और ड्रॉप आउट के कारण सीटें खाली होने की स्थिति से बचने के लिए, आवंटन के पहले दौर में सभी कॉलेज में सभी प्रोग्रामों के लिए यूआर, ओबीसी-एनसीएल, ईडब्ल्यूएस श्रेणियों में 20% और एससी, एसटी और पीडब्ल्यूबीडी श्रेणियों में 30% अतिरिक्त आवंटन में किया जाएगा। हालांकि, जिन कॉलेजों में पिछले साल निकासी स्वीकृत सीटों के 5% से कम थी वहाँ यूआर/ ओबीसी -एनसीएल/ ईडब्ल्यूएस के लिए 10% और एससी/ एसटी/ पीडब्ल्यूबीडी श्रेणियों में 15% अतिरिक्त आवंटन किया जा सकता है। दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे नियमित रूप से विश्वविद्यालय की वेबसाइट को देखते रहें। सीएसएएस एकमात्र ऐसा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जिसके जरिए सभी कॉलेजों में सभी प्रोग्रामों में प्रवेश दिया जाएगा। विश्वविद्यालय केवल उन्हीं उम्मीदवारों को मान्यता देगा जिन्हें विश्वविद्यालय की सामान्य सीट आवंटन प्रणाली के माध्यम से प्रवेश दिया जाता है।   *यूजी में ईसीए और स्पोर्ट्स और अन्य सुपरन्यूमैरेरी कोटा में प्रवेश* दिल्ली विश्वविद्यालय ने अपने स्पोर्ट्स सुपरन्यूमैरेरी कोटा के तहत 26 गेम्स/स्पोर्ट्स और एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज सुपरन्यूमैरेरी कोटा के तहत 14 श्रेणियों (एनएसएस और एनसीसी सहित) की पहचान की है। विश्वविद्यालय द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि कॉलेज की कुल स्वीकृत संख्या का 5% ईसीए और स्पोर्ट्स सुपरन्यूमैरेरी कोटा के लिए आवंटित किया जाएगा। कॉलेज ईसीए और स्पोर्ट्स के लिए 1% से 4% के बीच आवंटन कर सकता है, जो कॉलेज में अधिकतम 5% प्रवेश के अधीन है। इसके अलावा, किसी भी कार्यक्रम के लिए कोटा की निर्धारित सीटों में से 20% से अधिक सीटें आवंटित नहीं की जाएंगी। उदाहरण के लिए , मान लें कि एक कॉलेज की क्षमता 1000 है, तो 50 सीटें कॉलेज के ईसीए और स्पोर्ट्स  सुपरन्यूमैरेरी कोटा के लिए होंगी। यदि कॉलेज खेल को 3% और ईसीए को 2% देने का निर्णय लेता है, तो खेल के लिए 30 सीटें और ईसीए के लिए 20 सीटें निर्धारित की जा सकती हैं।   ऐसे मामले में, किसी विशेष कार्यक्रम में खेल कोटा के लिए 6 से अधिक सीटें आवंटित नहीं की जा सकतीं; इसी तरह, एक कार्यक्रम में ईसीए कोटा के लिए 4 से अधिक सीटें आवंटित नहीं की जा सकती हैं। विश्वविद्यालय का यह भी कहना है कि स्पोर्ट्स  सुपरन्यूमैरेरी कोटा के आधार पर प्रवेश पाने के इच्छुक उम्मीदवार अधिकतम तीन खेलों के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्हें केवल 01 मई 2021 से 30 अप्रैल 2024 के बीच जारी पिछले तीन (03) वर्षों के अधिकतम तीन मेरिट/भागीदारी खेल प्रमाणपत्रों की स्व-सत्यापित प्रतियां अपलोड करनी होंगी। इसी प्रकार, ईसीए  सुपरन्यूमैरेरी कोटा के आधार पर प्रवेश पाने के इच्छुक उम्मीदवार अधिकतम तीन ईसीए श्रेणियों के लिए आवेदन कर सकते हैं।   प्रत्येक ईसीए श्रेणी के लिए जिसमें उम्मीदवार आवेदन कर रहा है, उसे केवल 01 मई 2021 से 30 अप्रैल 2024 के बीच जारी किए गए पिछले तीन (03) वर्षों के अधिकतम सर्वश्रेष्ठ पांच (05) स्व-सत्यापित प्रमाण पत्र अपलोड करने होंगे। ईसीए और स्पोर्ट्स  सुपरन्यूमैरेरी कोटा में प्रवेश के लिए, संयुक्त ईसीए मेरिट (सीईएम) और संयुक्त स्पोर्ट्स मेरिट (सीएसएम) सीट आवंटन का आधार होंगे। ईसीए/स्पोर्ट्स  सुपरन्यूमैरेरी कोटा के लिए आवेदन करने पर प्रत्येक के लिए 100/- रुपये का अतिरिक्त शुल्क (गैर-वापसी योग्य) होगा। ईसीए और खेल के अलावा, विश्वविद्यालय ने कुछ अन्य अतिरिक्त कोटा भी निर्धारित किए हैं। इनमें बेंचमार्क विकलांगता वाले व्यक्ति (पीडब्ल्यूबीडी, सशस्त्र बलों (सीडब्ल्यू) के कार्मिकों के बच्चे/विधवाएं), कश्मीरी प्रवासी (केएम), जम्मू-कश्मीर के छात्रों के लिए प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना (पीएमएसएसएस), सिक्किम के छात्रों के लिए सीटों का नामांकन और अनाथ शामिल हैं।    *एसओएल और एनसीवेब में प्रवेश प्रक्रिया* विश्वविद्यालय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी बताया है कि स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) और नॉन कॉलेजिएट वूमेंस एजुकेशन बोर्ड (एनसीवेब) के स्नातक प्रोग्रामों में प्रवेश के लिए सीयूईटी की बाध्यता नहीं है। इन संस्थानों में प्रवेश बारहवीं कक्षा में प्राप्त अंकों की योग्यता के आधार पर होता है। प्रो. पायल मागो ने बताया कि स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग के 8 पीजी प्रोग्रामों और 9 यूजी प्रोग्रामों सहित पीजी डिप्लोमा इन आटोमेटेड एंड डिजिटल लाइब्रेरी मैनेजमेंट में प्रवेश 3 जून से शुरू हो रहा है।   उन्होंने बताया कि सीयूईटी की घोषणा के बाद प्रवेश लेने वाले उम्मीदवारों को किसी भी कठिनाई से बचाने के लिए यह निर्णय लिया गया है कि एसओएल उन उम्मीदवारों की पूरी फीस वापस कर देगा, जो विश्वविद्यालय के प्रवेश बंद होने की अंतिम तिथि से पहले अपना प्रवेश वापस ले लेंगे। इसके लिए मात्र 500 रुपए ही प्रशासनिक शुल्क के रूप में फीस से काटे जाएंगे। गौरतलब है कि एनसीवेब स्नातक कार्यक्रम पेश करता है जहां दिल्ली एनसीटी की छात्राएं ही आवेदन कर सकती हैं। एनसीवेब के दो स्नातक कार्यक्रम बी.ए. और बी.कॉम. में दिल्ली विश्वविद्यालय के 26 संबद्ध कॉलेजों में लगभग 15,000 सीटें हैं।    *एडमिशन सपोर्ट सिस्टम करेगा भावी विद्यार्थियों की सहायता* भावी विद्यार्थियों की मदद के लिए विश्वविद्यालय ने एक एडमिशन सपोर्ट सिस्टम भी स्थापित किया है।  इस पर सूचना के बुलेटिन, दृश्य पात्रता को दर्शाने वाले इन्फोग्राफिक्स और फ़्लोचार्ट एवं वीडियो, वेबिनार और फॉर्म भरने की वीडियो रिकॉर्डिंग आदि जैसे जानकारी सभी प्रारूपों में उपलब्ध है। चैट बोट्स और ईमेल के माध्यम से ऑनलाइन सपोर्ट प्रदान की जा रही है। स्नातक प्रवेश से संबंधित जानकारी के लिए उम्मीदवार पर, स्नातकोत्तर प्रवेश से संबंधित जानकारी के लिए पर और पीएचडी प्रवेश से संबंधित जानकारी के लिए ईमेल पर लिख सकते हैं। अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों (एफएक्यू) की एक सूची विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर पहले से ही उपलब्ध है। उम्मीदवारों के लिए प्रवेश शाखा में हेल्पडेस्क की सुविधा भी स्थापित की गई है। वे जो चाहें, किसी भी मदद के लिए कॉल कर सकते हैं।    *शिकायतों का होगा निपटारा* विश्वविद्यालय प्रवेश से संबंधित शिकायतों को संभालने और उनके हल के आसान और कुशल तरीके के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल स्थापित करने की भी योजना बना रहा है। प्रवेश शाखा ने यह भी घोषणा की है कि वे एक श्रृंखला आयोजित करेंगे जिसमें सीएसएएस फॉर्म भरने, सही प्रमाण पत्र/दस्तावेज़ अपलोड करने, आरक्षण नीतियों और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं से संबंधित पहलुओं को शामिल किया जाएगा जिन्हें उम्मीदवारों को कार्यक्रम चुनने से पहले ध्यान में रखना चाहिए।    *भावी विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण सलाह* दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा सभी भावी विद्यार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे प्रवेश से संबंधित सभी अपडेट, प्रोग्राम और दिशा निर्देशों के लिए नियमित रूप से विश्वविद्यालय की एडमिशन वेबसाइट और उनके डैशबोर्ड की जाँच करते रहें। आवंटित सीट को स्वीकार करने, प्रवेश शुल्क का भुगतान करने और कॉलेज द्वारा उठाए गए प्रश्नों का उत्तर देने में विफल रहने पर आवंटित सीट को अस्वीकार कर दिया जाएगा। उम्मीदवारों को सतर्क रहना चाहिए और केवल दिल्ली विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए। सभी प्रामाणिक सूचनाओं, घोषणाओं और प्रोग्रामों के लिए उम्मीदवारों को केवल दिल्ली विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ही जाना चाहिए।  फोरम ऑफ एकेडमिक्स फार सोशल जस्टिस के चेयरमैन डॉ. हंसराज सुमन ने दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में शैक्षिक सत्र में दाखिला लेने वाले छात्रों को जो जानकारी दी है उसका स्वागत किया है साथ ही यह चिंता भी व्यक्त की है कि हर साल आरक्षित वर्ग की सीटें खाली रह जाती है ।   उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि दाखिला प्रक्रिया शुरू करने से पहलेे कॉलेजों से अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति ,अन्य पिछडा वर्ग , पीड़ब्ल्यूड़ी की कितनी सीटें बनती है उनकी सीटों का ब्यौरा विश्वविद्यालय प्रशासन को भेजें , साथ ही कॉलेज़ अपनी वेबसाइट पर भी डाले ताकि पता चल सके कि आरक्षित वर्गों की कितनी सीटें है । उन्होंने यह भी मांग की है कि कॉलेज यह भी वेबसाइट पर जारी करें कि गत वर्ष कॉलेज़ ने इन वर्गों का कोटा कितना भरा था ।     डॉ. हंसराज सुमन यह विश्वविद्यालय यह भी मांग की है कि आरक्षिट वर्गो के दाखिला प्रक्रिया को देखने के लिए अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति दाखिला समिति व ग्रीवेन्स कमेटी भी गठित की जाए । इस कमेटी में कॉलेजों के शिक्षकों को रखा जाए । कमेटी को यह पावर दी जाए कि वह हर वर्गो  की सीटों को भरवाने में मदद करें । उन्होंने विश्वविद्यालय से यह भी मांग की है कॉलेजों में बनने वाली हर कमेटी का बोर्ड बनाकर सूचना पट पर लगवाया जाए व कमेटी के सदस्यों की सूची वेबसाईट पर भी जारी की जाए । इसके अलावा आरक्षित वर्ग के छात्रों के जाति प्रमाण पत्र संबंधित जानकारी को भी वेबसाईट्स पर सूचित करे । उनका यह भी कहना है कि हर साल अक्टूबर / नवंबर तक दाखिला प्रक्रिया चलती है जिसके कारण पहले सैमेस्टर में ठीक से पढ़ाई नहीं कर पाते इसलिए विश्वविद्यालय को एक समय सीमा के अंदर दाखिले की प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए ।   विशेष संवाददाता, (प्रदीप जैन) |

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Jun 1, 2024

दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रोबेशन काल में महिला शिक्षिकाओं को मिलेगा मातृत्व अवकाश

नई दिल्ली, 01 जून 2024  (यूटीएन)। दिल्ली विश्वविद्यालय के डिप्टी रजिस्ट्रार ने  सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यो , संस्थानों के निदेशक को एक सर्कुलर जारी कर कहा है कि जो कॉलेज /संस्थान प्रोबेशन अवधि के विस्तार की स्थिति के संबंध में स्पष्टीकरण मांग रहे हैं  जिन महिलाओं को उनके प्रोबेशन अवधि के दौरान मातृत्व अवकाश दिया गया है । बता दें कि हाल ही में विभिन्न विभागों / कॉलेजों में स्थायी हुई सहायक प्रोफेसर के पदों पर महिला शिक्षिकाओं द्वारा प्रोबेशन अवधि के दौरान मातृत्व अवकाश लेने को लेकर कॉलेजों व विश्वविद्यालय के बीच पत्राचार चल रहा था जिसे विश्वविद्यालय ने सर्कुलर जारी कर विराम लगा दिया है और कहा है कि मातृत्व अवकाश में प्रोबेशन अवधि पर कोई असर नहीं पड़ेगा , मातृत्व अवकाश के समय प्रोबेशन अवधि के समय को भी सर्विस में जोड़ा जाएगा तथा प्रमोशन के समय वह अवधि जुड़ेगी ।   फोरम ऑफ एकेडेमिक्स फॉर सोशल जस्टिस ने महिला शिक्षिकाओं को प्रोबेशन अवधि में दिया जा रहा मातृत्व अवकाश पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा है कि विश्वविद्यालय का यह स्वागत योग्य कदम है । फोरम के चेयरमैन डॉ. हंसराज सुमन ने बताया है कि  विश्वविद्यालय द्वारा जारी कॉलेजों को सर्कुलर में कहा गया है कि दो से कम जीवित बच्चों वाली स्थायी महिला शिक्षिका और गैर -शिक्षण कर्मचारियों को चिकित्सा प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर 180 दिनों से अधिक की अवधि के लिए पूर्ण वेतन पर मातृत्व अवकाश दिया जा सकता है । यह भी स्पष्ट किया है कि पूरे कैरियर में दो बार इसका लाभ दिया जाएगा । साथ ही इस संबंध में निर्धारित नियमों के अनुसार छुट्टी खाते से डेबिट नहीं किया जाएगा । उन्होंने बताया है कि विश्वविद्यालय ने सर्कुलर में  कहा है कि प्रोबेशन के दौरान मातृत्व अवकाश प्राप्त शिक्षण व गैर शिक्षण कर्मचारियों को पूर्ण वेतन का भुगतान किया जा सकता है इसलिए प्रोबेशन अवधि के विस्तार का सवाल ही नहीं उठता , यदि वह सफलता पूर्वक प्रोबेशन अवधि पूरी कर लेती है ।   डॉ. हंसराज सुमन ने बताया है कि दिल्ली विश्वविद्यालय में एक दशक बाद विभागों / कॉलेजों में लगभग 4600 स्थायी सहायक प्रोफेसर शिक्षकों की नियुक्ति हुई है । इन नियुक्तियों में अधिकतर महिला शिक्षिकाओं की हुई है । स्थायी नियुक्ति के पश्चात कुछ महिला शिक्षिकाओं की ओर से मातृत्व अवकाश के लिए आवेदन किया तो उनकी छुट्टी को प्रोबेशन अवधि में न जोड़े जाने पर दिल्ली विश्वविद्यालय में शिकायत की थी । महिला शिक्षिकाओं की शिकायत को गम्भीरता से लेते हुए उसके उत्तर में डीयू के डिप्टी रजिस्ट्रार (कॉलेजिज ) ने कॉलेज प्राचार्यो , संस्थानों , निदेशक को सर्कुलर जारी कर कहा है कि स्थायी महिला शिक्षिकाओं के लिए प्रोबेशन के दौरान मातृत्व अवकाश का समय प्रोबेशन अवधि में जुड़ेगा ।   विशेष संवाददाता, (प्रदीप जैन) |

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Jun 1, 2024

शिक्षक संघ का दावा,माध्यमिक के 70 विद्यालयों के शिक्षकों का मई का वेतन उनके खातों में 1 जून को : वीरेंद्र सिंह

बडौत,01 जून 2024  (यूटीएन)। स्थानीय जनता वैदिक इंटर कॉलेज में पत्रकारों के साथ वार्ता करते हुए माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रान्तीय कार्यकारिणी सदस्य वीरेंद्र सिंह तथा जिला मंत्री सतवीर सिंह ने बताया कि यह पहला अवसर है ,जिसमें 71 विद्यालयों में से 70 विद्यालयों का एक साथ वेतन शिक्षकों के खातों में पहुंच जाएगा। जो विद्यालय बचा है वह एकमात्र हजारीलाल इंटर कॉलेज खैला है। जिसका अभी तक वेतन बिल पारित ही नहीं हो सका है।जिले के शिक्षकों ने प्रदेशीय कार्यकारिणी सदस्य एवं शिक्षक नेता वीरेंद्र सिंह सहित जिला संगठन की मेहनत और वेतन भुगतान में मिली सफलता पर खुशी व्यक्त की है तथा कहा कि,संगठन के दबाव से ही संभव हो सका है।    शिक्षक नेता वीरेंद्र सिंह ने प्रेसवार्ता में यह जानकारी देते हुए कहा कि, अभी भी शिक्षकों के ढ़ेरो प्रकरण जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में लंबित हैं। जिन पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है ,जो प्रधानाचार्य व शिक्षक सेवानिवृत हो गए हैं अभी तक उनकी पेंशन की स्वीकृत नहीं हो सकी है तथा जीपीएफ के प्रकरण भी शिक्षा निदेशक मेरठ कार्यालय से स्वीकृत होने पर भी चेक निर्गत नहीं किये जा रहे हैं। शिक्षकों के चयन वेतनमान, प्रोन्नत वेतनमान तथा मृतक आश्रितों के नियुक्ति के प्रकरण भी लटके पड़े हैं,   जिनपर कोई भी सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जा रही है। वार्ता के दौरान संघ के प्रदेशीय नेता वीरेंद्र सिंह ने कहा कि, कार्य लम्बित होने तथा भुगतान में बिना किसी कारण के देरी से शिक्षक बेहद परेशान हैं तथा इन मामलों पर शिक्षक संघ के पदाधिकारी 3 जून को जिला विद्यालय निरीक्षक से मुलाकात कर सकारात्मक समाधान करने का प्रयास करेंगे। इस अवसर पर मीडिया प्रभारीअजय राज शर्मा व इंद्रपाल सिंह भी मौजूद रहे।   स्टेट ब्यूरो,( डॉ योगेश कौशिक ) |

Ujjwal Times News

Jun 1, 2024

१०वीं एवं १२वीं कक्षा में प्रथम द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों के लिए प्रोत्साहन समारोह का आयोजन

कालका, 31 मई 2024  (यूटीएन)। हित चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा १०वीं एवं १२वीं कक्षा में प्रथम द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों के लिए प्रोत्साहन समारोह का आयोजन किया । समारोह में मु य अतिथि के तौर पर ब्रह्मर्षि कॉलेज ऑफ़ एजूकेशन की प्रधानाचार्यी स्वामी डॉक्टर अमृता दीदी ने शिरकत की। हित चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक हितेश पाहवा द्वारा स्वामी डॉ अमृता दीदी को फुल बुके देकर और उनका आशीर्वाद लेते हुए समारोह में उनका स्वागत किया । समारोह का शुभ आरंभ स्वामी डॉक्टर अमृता दीदी के कर कमलों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस दौरान २१ स्कूलों में गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल कालका, आर्य सीनियर सेकेंडरी स्कूल कालका, सोफिया कान्वेंट स्कूल, गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल बिटना, आईशर स्कूल परवाणू, सेपीएंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, पीसी सीनियर सेकेंडरी स्कूल पिंजोर,न्यू इंडिया सीनियर सेकेंडरी स्कूल पिंजौर, सेंट विवेकानंद मिलेनियम स्कूल एचएमटी, विराट नगर स्कूल, शैमफर्ड स्कूल पिंजौर, गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल पिंजौर, जेपी गुरुकुल स्कूल, नोबल हाई स्कूल, सरस्वती हाई स्कूल, गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल चिकन, अकालजोत स्कूल, आजाद पब्लिक स्कूल, अमरावती विद्यालय, लिटिल लावर स्कूल पंचकूला, जवाहर नवोदय मोली के कुल १४७ छात्रों को स्मृति चिन्ह और मेडल पहनकर अमृता दीदी द्वारा स मानित किया गया। इस मौके पर स्वामी डॉक्टर अमृता दीदी ने सभी छात्रों को परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की । उन्होंने कहा कि बहुत ही हर्ष की बात है कि हमारे क्षेत्र से इस तरह बच्चे शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं और यदि हमारे युवा पीढ़ी पढ़ी-लिखी होगी तो एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण होगा। वही हितेश पाहवा कार्यक्रम में पहुंचे सभी अतिथियों, स्कूली छात्रों और उनके अभिभावकों का दिल की गहराइयों से आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में पहुंचे सभी अतिथियों के लिए खानपान की विशेष व्यवस्था की गई थी। इस मौके पर रोहताश आर्य, परमजीत शर्मा, दीक्षा पाहवा, मधु पाहवा, वरदान पाहवा, शेरचंद चावला, मुकेश पसरीचा,किरण पसरीचा, शशि गुप्ता, आहूजा पंचकूला आदि भी मौजूद रहे। हरियाणा-स्टेट ब्यूरो, (सचिन बराड़)।

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May 31, 2024