अपनी ही पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले वरुण क्या 'हाथ' को करेंगे मजबूत - प्रियंका गांधी

अपनी ही पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले वरुण क्या 'हाथ' को करेंगे मजबूत -  प्रियंका गांधी

लखीमपुर,07 अक्टूबर 2021 (यू.टी.एन.)। लखीमपुर हिंसा के चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन किसानों को कुचलने वाले दरिंदे अभी भी कानून की गिरफ्त से बाहर हैं। इस बीच लखीमपुर खीरी की घटना का नया वीडियो सामने आया है, जिसमें किसानों पर हुए जुल्म की पूरी दांस्तां दर्ज है। लखीमपुर कांड को लेकर विपक्ष भी सरकार पर हमलावर है। आज सिद्धू पंजाब से एक हजार गाड़ियों का काफिला लेकर लखीमपुर कूच कर रहे हैं। अखिलेश यादव और बीएसपी के महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा भी लखीमपुर निकलेंगे वहीं बीते दिन राहुल गांधी - प्रियंका गांधी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी। आज प्रियंका गांधी दो किसान के परिवारों से मिसने बहराइच जा रही है। इसके साथ ही देश की नजर सुप्रीम कोर्ट पर भी है। जहां लखीमपुर खीरी की घटना पर सुनवाई चल रही है।

लखीमपुर कांड के नये वीडियो सामने आने के बाद बीजेपी सांसद वरुण गांधी का एक ट्वि्ट भी सामने आया है।  पीलीभीत के भाजपा सांसद गांधी ने एक वीडियो ट्वीट किया और कहा, वीडियो बिल्कुल स्पष्ट है। प्रदर्शनकारियों को हत्या के माध्यम से चुप नहीं कराया जा सकता है। निर्दोष किसानों का खून बहा है, इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। वैसे पर्टी लाइन से अलग जाकर किसानों के समर्थन में वरुण गांधी पहले भी आवाज उठाते रहे हैं। लखीमपुर मसले पर वरुण गांधी ने इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र भी लिख चुके हैं। पीलीभीत से बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने 2 अक्टूबर, 2021 को गांधी जयंती के मौके पर ट्विटर पर चले एक ट्रेंड को लेकर कड़ी आपत्ति दर्ज करायी। 

योगी आदित्यनाथ को लिखे दो पन्नों केपत्र में पीलीभीत से लोकसभा सदस्य ने किसानों की समस्याओं और उनकी मांगों का उल्लेख किया है। इसके साथ ही उन्होंने इन समस्याओं के समाधान के लिए कुछ सुझाव भी दिए हैं। वरुण ने पत्र की प्रति ट्विटर पर साझा करते हुए लिखा, ‘‘उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नाम मेरा यह पत्र किसानों की बुनियादी समस्याओं को इंगित करता है। उम्मीद है कि भूमिपुत्रों की बात ज़रूर सुनी जाएगी। 

2019 के आम चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंदिरा गांधी से बेहतर बताने के बाद वरुण गांधी ही नहीं, उनकी मां और सुल्तानपुर से बीजेपी सांसद मेनका गांधी को भी ऐसा तो नहीं ही लगा होगा कि सरकार बन जाने पर मंत्रिमंडल गठन न सही, विस्तार या फेरबदल की स्थिति में भी दोनों में से कोई एक भी कैबिनेट का हिस्सा नहीं होगा। मोदी मंत्रीमंडल विस्तार में वरुण गांधी को मंत्री बनाए जाने की चर्चा थी। लेकिन ये सिर्फ चर्चा ही बन कर रह गई। 2014 में ताई सोनिया और भाई राहुल गांधी के खिलाफ प्रचार करने से मना करने के बाद बीजेपी में वरुण गांधी की हैसियत एकाएक कम होने लगी थी। 2019 के मोदी कैबिनेट में मां मेनका गांधी को भी जगह न मिलने से वरुण गांधी पार्टी से नाराज चल रहे हैं। समय-समय पर इशारों-इशारों में ही नाराजगी जाहिर करते हुए वरुण गांधी विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी का ध्यान अपनी ओर खींचने की कोशिश कर रहे हैं।

वरुण गांधी के कांग्रेस में जाने की अटकलें तो लगातार जताई जाती रही है। सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी, इन तीनों में से वरुण गांधी को प्रियंका गांधी के करीब माना जाता है। गांधी परिवार की जानकारी रखने वाले लोग यह कहते हैं कि इन तीनों में से प्रियंका गांधी ही हैं, जो वरुण गांधी के प्रति सबसे नरम हैं और उनसे संवाद बनाए रखती हैं। लेकिन सोनिया गांधी और मेनिका गांधी की पुरानी अदावत की वजह से कई जानकार वरुण की कांग्रेस में एंट्री को लेकर सबसे बड़ी अड़चन बता रहे हैं। इसके अलावा वरुण के प्रो हिन्दुत्व वाली छवि और पुराने बयान को लेकर भी राहुल गांधी थोड़े से असहज हैं। वहीं यूपी के बहाने सक्रिय राजनीति में प्रियंका की एंट्री हुई है और लगातार उनके चुनाव लड़ने को लेकर भी चर्चाएं चलती रहती हैं। वहीं वरुण गांधी की बात करे तो अब उन्होंने भी अपनी पुरानी छवि की बजाय जनहित और किसान जुड़े मुद्दों को जोर-शोर से उठाना शुरू कर दिया है और निशाने पर अपनी ही सरकार है। 

दरअसल ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब वरुण गांधी को लेकर ऐसी बातें कही गई हों, लेकिन वरुण ने हर बार ऐसी बातों का जोरदार खंडन किया है। साल 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले भी ऐसी चर्चाओं ने जोर पकड़ा था और इससे पहले 2017 में हुए यूपी विधानसभा चुनाव से पहले भी ऐसे कयास लगाए जा रहे थे।  हालांकि लंबे समय से रह-रह कर वरुण गाधी के कांग्रेस में जाने की खबरें उड़ती रहती हैं, जिसका वो खंडन करते रहे हैं। कांग्रेस नेता और राहुल गांधी के करीबी जितिन प्रसाद के बीजेपी में शामिल होने के बाद वरुण के कांग्रेस ज्वाइन करने की खबर एक स्थानीय चैनल से चलाई। इस खबर पर वरुण भड़क गए और कानूनी कार्रवाई की बात कह दी थी।