साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था श्री सरस्वती सदन के तत्वावधान में दो दिवसीय हिन्दी दिवस, हिंदी को बनाए राष्ट्रभाषा-अंजू बाला

साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था श्री सरस्वती सदन के तत्वावधान में दो दिवसीय हिन्दी दिवस, हिंदी को बनाए राष्ट्रभाषा-अंजू बाला
हरदोई, 15 सितंबर 2021 (यू.टी.एन.)। साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था श्री सरस्वती सदन के तत्वावधान में दो दिवसीय हिन्दी दिवस समारोह का समापन मंगलवार को विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को राष्ट्रीय एससी/एसटी आयोग की सदस्य डा० अंजू बाला ने पुरस्कार वितरण के साथ किया। साथ ही हिन्दी के आधुनिक काल में 'दलित लेखन” विषयक परिचर्चा में वक्ताओं ने प्राचीन से लेकर वर्तमान तक दलित साहित्य को हिन्दी के विकास में सहायक बताया।
मुख्य अतिथि डा.अन्जू बाला ने विजेता बच्चों को पुरस्कृत करते हुए हिन्दी की सेवा मे श्री सरस्वती सदन के योगदान को सराहा। कहा राष्ट्रीय एवं सामाजिक चेतना में सदन जैसी संस्था आवश्यक है। मुख्य अतिथि डा० अन्जू बाला ने कहा जन सामान्य की बोली बनकर हिन्दी आगे बढ़ी है और इसके विस्तार के लिये राष्ट्रभाषा बनना जरूरी है उन्होंने कहा केन्द्र सरकार इस ओर कदम बढ़ाएगी। उन्होंने नारी शिक्षा पर बल देते हुए कहा दलित लेखन से भी हिन्दी बलवती हुई है। इस दौरान  उन्होंने बेटियों के महत्व को बड़े ही मार्मिक ढंग से पेश कर लोगों को भावुक कर दिया।
वाणी वंदना श्रवण मिश्र राही ने प्रस्तुत की स्वागत सदन अध्यक्ष अरुणेश वाजपेयी ने एक आभार मंत्री मनीष मिश्र ने जताया। व्यवस्था कोषाध्यक्ष अनिल श्रीवास्तव व सीमा मिश्र ने सम्हाली। कार्यक्रम में शैलेन्द्र खन्ना, सरिता अग्रवाल, डा० देश दीपक शुक्ल, डा० बी०डी० शुक्ल, डा० बी०एस० पाण्डेय, शिवशरण सिंह चौहान, भजनलाल सनमानी, डा० शीला पाण्डेय प्राचार्य डा० अमित वर्मा डा० एन० सी० शुक्ल एंव राष्ट्रभाषा सलाहकार समिति के पूर्व सदस्य सेवानिवृत एस०एस० अग्निहोत्री मौजूद रहे।
जिला संवाददाता-हरदोई, (तेजस्वी प्रताप सिंह) |