वायरस को फैलने से रोकेगी, महाराष्ट्र की सरकारी बसों पर होगी एंटी माइक्रोबियल कोटिंग

वायरस को फैलने से रोकेगी,  महाराष्ट्र की सरकारी बसों पर होगी एंटी माइक्रोबियल कोटिंग

मुंबई महाराष्ट्र,30 जुलाई 2021 (यू.टी.एन.)। कोरोना महामारी से बचाव के उपायों में महाराष्ट्र राज्य परिवहन निगम ने भी कदम बढ़ाया है। राज्य में जनजीवन पटरी पर लाने के उपायों के बीच एमएसआरटीसी ने अपनी 10,000 बसों पर एंटी माइक्रोबियल कोटिंग कराने का फैसला किया है। यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है क्योंकि यात्री कोरोना के भय के मारे सार्वजनिक बसों का इस्तेमाल करने से परहेज कर रहे हैं। कोटिंग का काम अगले माह से शुरू होगा। कोटिंग की लागत प्रति बस 9,500 रुपये आएगी। रोडवेज के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। एमएसआरटीसी के उपाध्यक्ष शेखर छान्ने ने पीटीआई को बताया कि कोरोना वायरस फैलने के बाद लोग सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल में अरुचि दिखा रहे हैं। एंटी माइक्रोबियल कोटिंग से यात्रियों के मन से डर खत्म होगा। 



एंटी माइक्रोबियल कोटिंग या विषाणु रोधी कोटिंग के तहत बसों की सतह पर केमिकल एजेंट्स का सतह पर छिड़काव किया जाएगा। इससे वायरस, बैक्टीरिया व फंगस नहीं फैलते हैं। कई दफ्तरों, एयर लाइंस आदि में इस तकनीक का नियमित रूप से इस्तेमाल किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि बसों की कोटिंग का टेंडर मई में निकाला गया था और इस काम के लिए दो फर्म को चुना गया। फर्म का दावा है कि यह कोटिंग दो से छह माह तक असरकारी रहेगी।  महाराष्ट्र रोडवेज के पास 18 हजार बसें हैं। कोरोना महामारी के पूर्व इन बसों में रोज 65 लाख लोग सफर करते थे। गत वर्ष मार्च में कोरोना के बाद से बसों का संचालन बंद कर दिया गया था। सीमित मात्रा में बसें चलाई जा रही थीं। अनलॉक के बाद बसों का संचालन फिर शुरू किया गया है। अभी राज्य रोडवेज की बसों में 17 से 18 लाख लोग रोज सफर कर रहे हैं। महाराष्ट्र में 62.90 लाख से ज्यादा कोरोना मरीज मिल चुके हैं। 1.32 लाख की मौत हो चुकी है।