आध्यात्मिक उन्नति तथा शारीरिक व मानसिक रोगों से मुक्ति के साधन के रूप में संजीवनी साधना विद्या

आध्यात्मिक उन्नति तथा शारीरिक व मानसिक रोगों से मुक्ति के साधन के रूप में संजीवनी साधना विद्या
नई दिल्ली, 14 सितंबर 2021 (यू.टी.एन.)। डिवाइन वर्ल्ड मिशन के तत्वावधान में व *पूज्य गुरु जी डॉ ज्ञान प्रकाश शाही जी* के सानिध्य में  दिनांक 10 ,11, 12 सितंबर को तीन दिवसीय निःशुल्क संजीवनी साधना विद्या का शिविर नोएडा के   Sapphire International school* ,SS - 1 , Sector -70, Noida, Auditorium - 2nd Floor*  में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। नोएडा शहर के अनेक साधकों ने इस निशुल्क तीन दिवसीय संजीवनी साधना विद्या का प्रशिक्षण लिया और इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण के बाद साधक अत्यंत प्रसन्न, आनन्दित, गदगद तथा जीवन मे सुखद परिवर्तन के प्रति बेहद आशान्वित थे तथा एक अभूतपूर्व ऊर्जा,  सकारात्मक विचार, ध्यान साधना के प्रति अटूट विश्वास ,आत्मिक आनंद से भरे हुए थे। सभी साधकों की यह सामान्य प्रतिक्रिया थी कि पूज्य गुरुजी के आशीर्वाद से उन्हें जीवन जीने की एक सकारात्मक दिशा और  ब्रह्मांड से लाइफ फोर्स एनर्जी को खींचने की कला आ गयी।

इस तीन दिवसीय शिविर के दौरान  पूज्य गुरुजी के सानिध्य व आशीर्वाद से साधक अनेकानेक  शारीरिक कष्टों के साथ-साथ, नकारात्मक विचारों , मानसिक अवसाद ,तनाव व असंतोष से भी मुक्त हो गए। संजीवनी साधना विद्या के बेसिक कोर्स के प्रशिक्षण के उपरांत साधना के सरल अभ्यास से साधक शारीरिक रोगों से मुक्त होने लगता है , साथ ही साथ प्रसन्नता, निरोगता,सुख ,शांति ,समृद्धि ,संतोष, तृप्ति व आनंद आदि की आत्मिक एवं भौतिक संपदाओं को प्राप्त करता है और साधक के आपसी संबंध भी प्रेम पूर्वक व सौहार्द पूर्वक होने लगते हैं।
संजीवनी साधना के निरंतर अभ्यास से साधक ऐसे विश्वास को धारण भी करता है जिससे मनोवांछित स्थिति को प्राप्त किया जा सकता है । साधक ना केवल अपने शारीरिक और मानसिक रोगों का शमन करने लगता है वरन अन्य लोगों की भी शारीरिक कष्टों को दूर करने की विशिष्टता उसमें आ जाती है।
        पूज्य गुरु जी डॉ ज्ञान प्रकाश शाही जी पेशे से आधुनिक चिकित्सा विज्ञान से जुड़े हुए हैं और हृदय रोग विशेषज्ञ है। आध्यात्मिक जगत में सृष्टि के प्रथम गुरु भगवान दत्तात्रेय के शिष्य अगस्त्य मुनि से आशीर्वाद प्राप्त परम पूज्य महाअवतार बाबा जी एवं पूज्य नित्यानंद बाबा जी की कृपा व अनुकंपा से प्रसाद स्वरूप अनेकानेक सिद्धियां भी प्राप्त की है। पूज्य गुरु जी ने इस पुरातन आध्यात्मिक परंपरा का वैज्ञानिक अध्ययन एवं देश विदेश की विभिन्न प्रयोगशालाओं में शोध द्वारा प्रामाणिकता सिद्ध करते हुए इस संजीवनी साधना विद्या को जन जन तक पूर्णतया अनकंडीशनल एवं निशुल्क पहुंचाने का संकल्प लिया है और इस संकल्प को दिशा देने के उद्देश्य से ही विगत 4 वर्ष पूर्व डिवाइन वर्ल्ड मिशन नाम की संस्था की नींव रखी गई।  विगत 4 वर्षों में डिवाइन वर्ल्ड मिशन के तत्वाधान में देश के विभिन्न शहरों में अनेकानेक निशुल्क बेसिक और एडवांस कोर्स  का सफलतापूर्वक आयोजन भी किया जा रहा है ।
इस विद्या का प्रयोग पहले केवल भारतीय ऋषि मुनि ही करते थे और देखने वालों को एक यह एक चमत्कार से कम नहीं लगता था लेकिन इसको वैज्ञानिक तौर पर कभी भी रिकॉर्ड नहीं किया गया था आदरणीय डॉ ज्ञान प्रकाश शाही जी ने इस प्राचीन विद्या का  नासा में क्लीनिकल ट्रायल करके इसके रहस्य पर से पर्दा हटाया और यह साबित किया कि सभी जीवित प्राणियों को  प्रकृति बिना किसी भेदभाव के संजीवनी ऊर्जा दे रही है और कोई भी व्यक्ति इस संजीवनी विद्या को ग्रहण करना सीख कर तथा अपने भोजन ,जल,वायु का संतुलन बना कर अपने जीवन को सुखमय और आनंदमय बना सकता है।
नई दिल्ली, ( सुनीत नरूला ) |