अमेरिका को जख्म एजेंसियों की नाकामी से साजिश, 9/11 हमले के आरोपियों को अब तक नहीं मिली सजा

अमेरिका को जख्म एजेंसियों की नाकामी से साजिश,  9/11 हमले के आरोपियों को अब तक नहीं मिली सजा

अमेरिका,11 सितंबर 2021 (यू.टी.एन.)। अमेरिका में हालात इतने खराब हैं कि ग्वानतनामो बे की जेल में कैद इन सभी लोगों के खिलाफ दर्ज मामले में अब तक सुनवाई भी शुरू नहीं हुई है। इन पांचों को पहली बार 5 मई 2012 को अदालत में पेश तो किया गया, लेकिन मामले का ट्रायल ही नहीं हुआ। दिलचस्प बात यह है कि इन आरोपियों की सुनवाई के लिए जो विशेष अदालत बनवाई गई, उस पर ही करीब 88 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। गौरतलब है कि 9/11 हमले के बाद अमेरिका की आंतरिक सुरक्षा एजेंसियों ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें खालिद शेख मोहम्मद को हमले का मास्टरमाइंड करार दिया गया, जबकि उसके साथ चार और लोग वालिद बिन अताश, रमजी बिन अल-शिभ, अम्मार अल-बलूची और मुस्तफा अल हवसावी आरोपी बनाए गए थे। उन पर प्लेन हाईजैकिंग में शामिल रहे 19 लोगों की मदद करने के आरोप लगाए गए। इन सभी आरोपियों को 2002 से 2003 के बीच गिरफ्तार किया गया। इन पांचों आरोपियों पर 11 सितंबर की घटना के लिए आतंकवाद और युद्ध अपराध की धाराओं में मामला दर्ज किया गया। उन्हें मौत की सजा देने की मांग की गई।

अमेरिकी अदालत में केस चलाने के लिए इन सभी ग्वानतनामो बे की जेल में भेज दिया गया, जहां उन पर सैन्य अदालत में केस चलाया जा रहा है। इसके अलावा सुनवाई से पहले इस पर भी चर्चा हुई कि कौन से सबूत सुनवाई के दौरान कोर्ट में मान्य होंगे और कौन से नहीं। बचाव पक्ष का कहना है कि आरोपियों के कई बयान उन्हें ग्वानतनामो जेल में रखे जाने के बाद लिए गए। बचाव पक्ष का दावा है कि उन लोगों ने एफबीआई के टॉर्चर के दबाव में जबरन गुनाह कबूल लिया। इसे लेकर बचाव पक्ष ने एफबीआई से जांच में मिले सारे सबूत मांगे और टॉर्चर के जरिए लिए गए बयानों को मानने से साफ इनकार कर दिया। शेख मोहम्मद के वकील गैरी सोवार्ड्स ने सुनवाई से पहले की प्रक्रिया को दोयम दर्जे का बताते हुए कहा कि वह अपने मुवक्किल को टॉर्चर किए जाने का मुद्दा उठाएंगे। साथ ही, सैन्य आयोग की वैधता को लेकर भी केस दायर करेंगे।